सम्राट अशोक क्लब लोगो
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क्लब के बारे में

1947 में जब आम जनमानस आजादी का जश्न मना रहा था तो उस दौर के नेतृत्व के सामने राष्ट्र को एक सूत्र में बांधे रखने तथा लोक कल्याणकारी शासन स्थापित करने की कठिन चुनौती थी, जिसका समाधान केवल सम्राट अशोक महान के सिद्धान्तो पर चलकर ही संभव था।

स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत, भारत ने सम्राट अशोक महान के मानवतावादी, जनकल्याणकारी एवं सर्वधर्म समभाव पर आधारित शासन व्यवस्था से प्रेरित होकर सारनाथ, वाराणसी में स्थित अशोक लाट को गणतंत्र की घोषणा के अवसर पर 26 जनवरी, 1950 को भारत के प्रतीक चिन्ह के रुप अपनाया। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में सम्राट अशोक महान के सारनाथ स्थित अशोक लाट पर विद्यमान अशोक चक्र को अपनाया गया, जिससे भारत धर्मनिरपेक्षता, समृद्धि एवं खुशहाली के पथ पर तेजी से अग्रसर हो सके।

किन्तु स्वतंत्रता प्राप्ति के कई दशकों के उपरांत भी भारत में धार्मिक उन्माद, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार आदि बढ़ता ही गया, जो कि समाज के कुछ विद्वान विचारकों के लिए असहनीय हो गया। इन विचारकों ने गहन चिंतन-मंथन के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि राष्ट्र ने सम्राट अशोक महान के चिन्हों को तो अपना लिया किन्तु उनके शासनशैली की लोक कल्याणकारी नीतियों एवं सर्वधर्म समभाव पूर्णरुप से राष्ट्र में न तो लागू हो सका और न ही आम जनमानस तक पहुँच सका। उनकी नीतियाँ एवं शासन सिद्धांत केवल संविधान और कानून तक ही सीमित रह गया, वह भारतवर्ष के प्रत्येक जनमानस के हृदय एवं मन-मस्तिष्क की गहराई में स्थापित नहीं हो सका।

इन विचारकों ने निश्चय किया कि हमें सम्राट अशोक महान की लोक कल्याणकारी नीतियों एवं सर्वधर्म समभाव के सिद्धान्तो को आम जनमानस तक पहुँचाना है तथा उनके हृदय एवं मन-मस्तिष्क में राष्ट्र प्रेम व राष्ट्र समर्पण की भावना जागृत करना है। जिससे भारत के प्रत्येक व्यक्ति में नैतिकता, समरसता, धार्मिक सद्भाव एवं वैज्ञानिक सोच विकसित हो तथा भारत विश्व के शिखर पर विद्यमान हो सके।

अपने इस उद्देश्य को साकार करने के लिए, इन विचारकों ने 2 फरवरी 1996 को जमानिया, जिला-गाजीपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में सम्राट अशोक क्लब की स्थापना की एवं विचारों के प्रचार-प्रसार का कार्य आरम्भ किया।

सम्राट अशोक क्लब के कार्यकर्ता, क्लब की स्थापना के दिन से ही लगातार अपने अथक प्रयासों के द्वारा भारत के आम जनमानस के हृदय में राष्ट्र प्रेम तथा राष्ट्र समर्पण की भावना जागृत करने के लिए भारतीय संविधान तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। सम्राट अशोक क्लब, भारत के विभिन्न राज्यों में राष्ट्र उत्थान के कार्यक्रम आयोजित करता है। क्लब के प्रत्येक कार्यक्रम को जनमानस द्वारा हृदय से सराहना एवं सहयोग प्राप्त होता है।

सम्राट अशोक क्लब ने राष्ट्र प्रेम तथा राष्ट्र समर्पण की भावना को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस वेबसाइट के निर्माण का निर्णय लिया। इस वेबसाइट के माध्यम से आप सम्राट अशोक महान, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों एवं सम्राट अशोक क्लब के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सम्राट अशोक क्लब को पूर्ण विश्वास है कि इस पहल से आम जनमानस में राष्ट्र प्रेम तथा राष्ट्र समर्पण की भावना प्रबल होगी।