






1947 में जब आम जनमानस आजादी का जश्न मना रहा था तो उस दौर के नेतृत्व के सामने राष्ट्र को एक सूत्र में बांधे रखने तथा लोक कल्याणकारी शासन स्थापित करने की कठिन चुनौती थी, जिसका समाधान केवल सम्राट अशोक महान् के सिद्धान्तो पर चलकर ही संभव था।
स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत, भारत ने सम्राट अशोक महान् के मानवतावादी, जनकल्याणकारी ........
और पढ़ें →“सम्राट अशोक महान् के सिद्धान्तो के अनुरुप भारतवर्ष का पुनर्निर्माण करना”
मिशनसम्राट अशोक क्लब राष्ट्र उत्थान के लिए निम्न मिशन पर कार्य कर रहा है:-
और पढ़ें →सम्राट अशोक महान ने न्याय आधारित एवं पैतृक भाव वाले शासन को जन्म दिया। धौली के शिलालेख में सम्राट अशोक ने कहा है कि ”सबे मुनिसे पजा ममा।“ अर्थात् सभी मनुष्य मेरी सन्तान हैं।
उनकी इच्छा सदैव अपनी प्रजा से व्यक्तिगत सम्पर्क बनाये रखने की रहती थी। उन्होंने अपने प्रतिवेदकों को यह स्पष्ट आदेश दिया था कि ........
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